हरियाणा सूचना आयोग में 2 आयुक्तों हेतु आवेदन
Haryana

हरियाणा सूचना आयोग में 2 आयुक्तों हेतु 15 अक्टूबर तक मांगे गये आवेदन ।

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चंडीगढ़ (सिटी मीडिया ) हरियाणा सूचना आयोग में जल्द ही दो नए राज्य सूचना आयुक्तों (स्टेट इनफार्मेशन कमिश्नर) नियुक्त होंगे । प्रदेश के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा आगामी 15 अक्टूबर तक इस सम्बन्ध में योग्य एवं इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन मांगे गए

बहरहाल, इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने सिटी मीडिया, अंबाला को बताया कि वर्तमान में आयोग में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त 7 राज्य सूचना आयुक्त हैं । इसी वर्ष पहले जनवरी, 2022 में ज्योति अरोड़ा, रिटायर्ड आईएएस और पंकज मेहता, एडवोकेट, हिसार को राज्य सूचना आयुक्त के तौर पर और फिर मार्च, 2022 में प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव, विजय वर्धन को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और पूर्व आईएएस डॉ. एस.एस. फुलिया को राज्य सूचना आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया गया था । फलिया कई वर्ष पूर्व अम्बाला कैंट राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे थे एवं वर्ष 2010 में हुडा सरकार दोरान आईएएस में मनोनीत किये गये थे । वह अम्बाला की मौजूदा मंडल आयुक्त रेणु फुलिया, आईएएस के पति हैं ।

उनके अतिरिक्त इस समय आयोग में चंद्र प्रकाश, रिटायर्ड आईएएस एवं अरुण सांगवान, कमलदीप भंडारी, जय सिंह विश्नोई बतौर सूचना आयुक्त हैं. चंद्र प्रकाश और मेहता का कार्यकाल अगले माह अक्टूबर, 2022 में समाप्त हो जाएगा । इसी कारण रिक्त होने वाले सूचना आयुक्त के दो पदों को भरने की कवायद आरम्भ की गयी है. चंद्र प्रकाश की नियक्ति दिसंबर, 2017 में हुई थी. वहीं मेहता का कार्यकाल केवल नौ महीने का ही रहा । दोनों का कार्यकाल 65 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण समाप्त हो रहा है।

हेमंत ने बताया कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) कानुन, 2005 के अनुसार राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त अधिकतम 10 सूचना आयुक्त नियुक्त हो सकते हैं ।

हालांकि प्रदेश सरकार उससे कम सूचना आयुक्त भी नियुक्त कर सकती है । इस प्रकार सूचना आयुक्तों की दो ताजा नियुक्तियों होने के बावजूद आयोग में 3 सूचना आयुक्तों के पद रिक्त रहेंगे ।

मौजूदा आरटीआई कानून और उसके अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा अक्टूबर, 2019 में बनाए नियमों अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल कार्यभार संभालने से 3 वर्ष तक या पद पर नियुक्त व्यक्ति की 65 वर्ष की आयु होने तक,जो भी पहले हो, तक होता हालांकि मूल आरटीआई कानून, 2005 में उपरोक्त कार्यकाल पांच वर्ष होता था जिसमें वर्ष 2019 में मोदी सरकार ने संसद से संशोधन करवाकर कार्यकाल निर्धारित करने की शक्ति केंद्र सरकार को प्रदान कर दी थी जिसे अक्टूबर, 2019 में नियम बनाकर तीन वर्ष निर्धारित किया गया । मौजूदा तौर पर उक्त पदों का वेतन सवा दो लाख रुपये प्रतिमाह है । कानून में उक्त पदों की योग्यता के बारे में उल्लेख है कि वह विधि (कानून), विज्ञान-प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंपर्क माध्यम, प्रशासन और शासन में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज के प्रख्यात व्यक्ति होंगे ।


एक रोचक यह है कि कि जनवरी, 2008 में अम्बाला जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाले एक तत्कालीन एडवकिट अशोक मेहता, जो इस समय हरियाणा पंजाबी महासभा के प्रधान भी है, को भी तत्कालीन हडा सरकार ने राज्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया था परन्तु उनकी वकालत की डिग्री पर कुछ विवाद उत्पन्न होने के फलस्वरूप उन्हें न केवल सूचना आयुक्त पद से डेढ़ वर्ष में ही त्यागपत्र देना पड़ा था बल्कि चूंकि उनकी एलएलबी की डिग्री पर सवाल उठ गए थे इसलिए उन्होंने वकालत का लाइसेंस भी रद करवा लिया था।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार

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