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Ghulam Nabi Azad Resigns: 50 साल बाद गुलाम नबी आजाद का कॉंग्रेस से इस्तीफा ।

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Ghulam Nabi Azad resigns: गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad), इंदिरा गांधी,  से लेकर सोनिया गांधी, और फिर राहुल गांधी, के साथ राजनीतिक कैरियर बनाने वाले गुलाम नबी आजाद  ने कांग्रेस से अपना 50 साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया ।  आजाद ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा है. इसमें उन्होंने बहुत कुछ लिखा है ।  राहुल गांधी पर हर हार का ठीकरा भी फोड़ा ।

आपको बता दें कि आज गुलाम नबी आजाद को कॉंग्रेस में 50 साल पूरे हो गए थे और आज ही उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है ।

गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने के ऐलान के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी में हलचल मच गया । वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं अशोक गहलोत भूपेश बघेल और दिग्विजय सिंह ने गुलाम नबी आजादको वह दिन याद दिलाए जब गुलाम नबी आजाद का सिक्का चलता था ।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गलहोत गुलाम नबी आजाद पर जमकर हमला बोला है गलहोत ने कहा कि आज आजाद कह रहे हैं कि राहुल गांधी चाटूकारों से घिरे हैं । जबकि हम संजय गांधी के साथ सहमत नहीं थे । गुलाम नबी आजाद को संजय गांधी का चाटुकार कहा जाता था । हम उस वक्त संजय गांधी से सहमत नहीं होते हुए भी उनकी अगुवाई में सत्ता से बाहर रह कर संघर्ष कर रहे थे । और यह लोग संजय गांधी के सलाहकार थे । आज राहुल गांधी ठीक उसी प्रकार से अपने तरीके से कांग्रेस चलाना चाहा रहे हैं तो गुलाम नबी आजाद को बुरा नहीं लगना चाहिए ।

जब इंदिरा गांधी गई थी आजाद की शादी में

राजस्थान सीएम ने कहा कि इंदिरा गांधी सोनिया गांधी और राजीव गांधी सब ने गुलाम नबी आजाद का साथ दिया यहाँ तक कि इंदिरा गांधी तो आजाद की शादी तक में श्रीनगर गई थी । श्रीनगर जब डिस्टर्ब हुआ तो दो बार महाराष्ट्र से राज्यसभा में भेजा गया । गलहोत ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से धक्का लगा है कि गुलाम नबी आजाद ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया जब सोनिया गांधी इलाज के लिए विदेश गई है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय दिग्विजय सिंह ने भी गुलाम नबी आजाद के फैसले पर हैरानी जताई है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस ने अनेकों बार कई पदों से नवाजा । दो बार लोकसभा सांसद बनाया, जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया, चुनाव की हार जीत से बचा कर पांच बार राज्य सभा सांसद बनाया । इसके बाद जिन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी मुझे इस बात का बड़ा दुख है । दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पर गुलाम नबी आजाद के आरोप निराधार हैं इसके अलावा उन्होंने जो इस्तीफा दिया है और जो पत्र लिखा है उसकी वह घोर निंदा करते हैं ।

वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वह लगातार पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे कांग्रेस ने पूरा समान दिया है उन्हें कैबिनेट मंत्री और CM बनाया उनके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा ।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी गुलाम नबी आजाद के फैसले पर हैरानी जताई उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने 41 साल यानी 1980 से 2021 तक गांधी परिवार की चार पीढ़ियों के साथ तक सत्ता का आनंद लिया वे 24 साल केंद्रीय मंत्री, पाँच साल तक सीएम, 35 साल पार्टी के महासचिव रहे । अब गुलाम नबी आजाद को उसी नेतृत्व और दल में सभी दोष नजर आने लगे हैं ।

बता दें की वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर सभी पदों से इस्तीफा दे दिया उन्होंने कहा कि को बड़े अफसोस और बेहद भावुक दिल के साथ भारतीय कांग्रेस राष्ट्रीय से अपना आधा सदी पुराना (50 साल पुराना) नाता तोड़ने का फैसला किया है ।

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