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केंद्रीय राजस्व विभाग का फोकस अब ऑनलाइन गेमिंग टैक्स और विदेशी संपत्ति पर ।

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केंद्रीय राजस्व बोर्ड का फोकस अब ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी संपत्ति पर है साथ ही विभाग सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की भी जांच कर रहा है जिसमें कहा गया था कि बेनामी लेनदेन कानून में 2016 का संशोधन पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता है ।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रामना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने 23 अगस्त को फेसले में एक स्थापित प्रक्रिया की मंजूरी के बिना 28 साल के लेनदेन की गई बेनामी संपत्तियों के लिए 2016 के कानून के पूर्व व्यापी आवेदन के माध्यम से विभिन्न एजेंसी द्वारा दंडात्मक कार्यवाही को अवैध करार दिया है ।

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग ।

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग बड़ी तेजी से बढ़ रहा है, और अब विभाग ने इस उद्योग में भारी कर चोरी की पहचान करने के बाद, कर विभाग चाहता है कि ऐसे खेलों में विजेता अपनी आय का खुलासा करने के लिए अपडेट आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) का उपयोग करें और लागू ब्याज के साथ करों की सही मात्रा का भुगतान करें ।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि सिर्फ एक गेमिंग पोर्टल से जुड़े खिलाड़ियों ने वित्त वर्ष 2022 के माध्यम से तीन वर्षों में कुल जीत राशि के रूप में 58,000 करोड़ रुपये की कमाई की है ।

इन व्यक्तियों के पास इस योजना के तहत बिना किसी छूट या कटौती के, ब्याज सहित 30% की दर से कर और कर और ब्याज दोनों पर अतिरिक्त 25-50% कर का भुगतान करने का विकल्प होगा । यदि इस विंडो का उपयोग नहीं किया जाता है, तो व्यक्तियों को संभावित रूप से भारी दंड के साथ अभियोजन का सामना करना पड़ सकता है ।

कर विभाग मंगलवार के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भी जांच कर रहा है जिसमें कहा गया था कि बेनामी लेनदेन कानून में 2016 का संशोधन पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता है।

IRT-U योजना

IRT-U योजना के बारे में बात करते हुए, गुप्ता ने कहा कि अब तक करदाताओं द्वारा लगभग 10 लाख ITR-U दायर किए गए हैं, जो कि 2022 के बजट में योजना शुरू होने के बाद, 28 करोड़ रुपये के अतिरिक्त करों का भुगतान करके दायर किए गए हैं । 

हालांकि, उन्होंने कहा कि इस योजना में बड़ी संभावनाएं हैं, क्योंकि ऐसे लोगों का एक बड़ा वर्ग है, जिन्होंने गेमिंग, सट्टेबाजी, लॉटरी आदि सहित विभिन्न गतिविधियों से लाभ के कारण जाने-अनजाने करों का भुगतान नहीं किया है ।

वित्त अधिनियम 2022 के माध्यम से आईटी अधिनियम में संसोधन के अनुसार, करदाता को पिछले दो मूल्यांकन वर्षों – 2020-21 और 2021-22 (वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21) के लिए अपने रिटर्न / फाइल रिटर्न को संशोधित करने की अनुमति देता है। ) तदनुसार, वित्त वर्ष 2010 के लिए रिटर्न अपडेट करने वाले करदाताओं को ऐसे कर और ब्याज के अतिरिक्त 50% के साथ देय कर और ब्याज का भुगतान करना होगा। FY21 के लिए, अतिरिक्त राशि देय कर और ब्याज का 25% होगी। 

सकल गेमिंग जीतने की राशि बिना किसी छूट या कटौती के 30% कर पर देना होगा ।

गुप्ता ने कहा, “आईटीआर-यू का इस्तेमाल गेमिंग पोर्टलों में जीते विजेताओं को भी करना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए आगे आकर करों का भुगतान करने के बजाय दंड के परिणामों का सामना करने के लिए एक कुशल प्रावधान होगा ।”

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के नए अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा की पिछले साल की तुलना में इस साल कुल टैक्स कलेक्शन 38% अधिक है । पिछले वर्ष के 52000 करोड रुपए रिफंड की तुलना में इस वर्ष 93000 करोड रुपए का रिफंड किया गया है । गुप्ता ने कहा कि आयकर विभाग टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्र में दस्तक दे रहा है विभाग विदेशों में संपत्ति रखने वाले भारतीयों के बारे में भी आंकड़ों के विश्लेषण का तरीका अपना रहा है ।

हम खुद को सिर्फ रियल स्टेट डेवलपर तक सीमित नहीं रख रहे है । विभाग अब परिसंपत्ति पुनर्गठन, विदेशी कंपनियां, गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों पर भी फोकस कर रहा है ।

भारत को विभिन्न देशों से साझा रिपोर्टिंग मानकों और विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम के जरिए विदेशी परिसंपत्तियों के आंकड़े बड़े पैमाने पर मिल रहे हैं । सीआरएस वित्तीय खाता सूचनाओं के आटोमेटिक ट्रांजैक्शन का स्टैंडर्ड सिस्टम है । एफएटीसीए(AFATCA) भारत अमेरिका के बीच टैक्स सूचनाओं का ब्योरा देने वाली व्यवस्था है । आँकड़े व जोखिम का विश्लेषण कर व्यापक आधार बना रहें है, CBDT प्रमुख ने कहा कि हमे पनामा पेराडाइसेड और पेनडोर पेपर के जरिए सूचनाएं मिली है ।

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