Indian Flag , Azadi Ka Amrit Mahotsav
News Haryana National

Azadi Ka Amrit Mahotsav: 1974 से पहले मुखमंत्री नहीं करते थे ध्वजारोहण । जाने क्या है इतिहास ?

Spread the love

सिटी मीडिया (चंडीगढ़) भारत देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर, जिसे देशभर में आजादी के अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) के तौर पर मनाया जा रहा है सभी देश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं । अंबाला शहर के सेक्टर 7 के निवासी और पंजाब हरियाणा एडवोकेट हेमंत कुमार ने सिटी मीडिया के मुख्य संपादक नरेंद्र भाटिया जी एवं उनकी समस्त टीम सहित सभी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं ।

इस शुभ अवसर पर एक रोचक परंतु महत्वपूर्ण जानकारी सेटिंग मीडिया के पाठकों से साझा करते हुए हेमंत ने बताया कि भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुए पूरे 75 वर्ष हो गए हैं हालांकि इस वर्ष देश अपना 76 वां स्वतंत्र दिवस मना रहा है ।

हर वर्ष 15 अगस्त को देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री लाल किले से ध्वजारोहण करते हैं और तत्पश्चात तत्पश्चात राष्ट्र को संबोधित करते हैं हालांकि इस दिन देश के राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाता है वही देश के राज्य में मुख्य मंत्रियों एवं उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों द्वारा प्रदेश की राजधानी एवं विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण किया जाता है ।

ध्यान देने योग्य है कि देशों में प्रदेशों में जिनमें हरियाणा भी शामिल है में संबंधित प्रदेश के राज्यपाल द्वारा राजभवन के साथ-साथ राज्य में अन्य स्थानों पर भी ध्वजारोहण किया जाता है ।

इस बार स्वतंत्र दिवस पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अंबाला में ध्वजारोहण करेंगे । हेमंत ने बताया कि 15 अगस्त व 26 जनवरी दोनों राष्ट्रीय दिनों के उपलक्ष पर देश के राज्यों में आयोजित होने वाले मुख्य राजकीय समारोह में केवल संबंधित प्रदेश के राज्यपाल ही क्रमश: ध्वजारोहण एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराते थे ।

Azadi Ka Amrit Mahotsav Celebrating 75 Years of India’s Independence

15 अगस्त 1974 को पहली बार देश के तत्कालीन मुख्यमंत्रियों ने अपने प्रदेशों में ध्वजारोहण किया ।

ज्ञात रहे कि तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि जिनके पुत्र एम के स्टालिन वर्तमान में उस प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं ने 48 वर्ष पूर्व 15 फरवरी 1974 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर भारत की संघीय व्यवस्था का हवाला देकर पुरजोर मांग की थी कि जिस प्रकार देश के प्रधानमंत्री हर वर्ष 15 अगस्त को दिवस को लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं । उसी तर्ज पर प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी उनके राज्यों में ध्वजारोहण करने की अनुमति मिलनी चाहिए ।

इसके बाद भारत सरकार ने निर्णय लिया कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर प्रदेशों में राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे जबकि 15 अगस्त दिवस पर राज्यों के मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करेंगे इस प्रकार 15 अगस्त 1974 को पहली बार देश के तत्कालीन मुख्य मंत्रियों ने अपने प्रदेशों में ध्वजारोहण किया जिसका निश्चय ही पूरा श्रेय तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को जाता है

ध्वजारोहण एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराने में अंतर ।

15 अगस्त 1947 के दिन भारत को अंग्रेजी शासन से आजादी प्राप्त हुई थी एवं इस अवसर पर ब्रिटिश झंडे को नीचे उतारकर भारतीय ध्वज को ऊपर चढ़ाया और फहराया गया था झंडे को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराने की इस प्रक्रिया को ध्वजारोहण कहते हैं । इसलिए हर वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्रियों द्वारा उनके राज्य में विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण किया जाता है । वही गणतंत्र दिवस पर अर्थात 26 जनवरी 1950 से भारत का संविधान लागू हुआ था । इसके लिए इस दिन पहले से ऊपर बंदे झंडे को खींचकर केवल फहराया जाता है । तिरंगे के ध्वजारोहण एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराने में अंतर होता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.