Ramandeep Kaur

सर्व कर्मचारी संघ ने डीसी को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

शुक्रवार 25 जून 2021
अंबाला (सिटी मीडिया) स्वास्थ्य के सार्वजनिक ढाँचे को मजबूती प्रदान करने व स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और जन स्वास्थ्य अभियान हरियाणा द्वारा सयुक्त रूप से आज जिला मुख्यालय पर डाले जाने वाले पड़ाव की तैयारी को लेकर जिला सचिव महावीर पाई की अध्यक्षता मे जिला उपायुक्त अंबाला के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा।
राज्य महासचिव सतीश सेठी व इंद्र सिंह बधाना ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्य माँगो में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं मजबूती देने, सभी नागरिकों को कोविड वैक्सीन का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करने, जाँच और इलाज मुफ्त करने, सभी गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त एवं बेहतर करने, सरकारी निवेश को 3 प्रतिशत तक बढ़ाने, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों अनुसार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने, ठेका प्रथा खत्म करके सभी एनएचएम के अनुबंध कर्मियों, आउटसोर्सिंग पॉलसी में लगे ठेका कर्मचारियों एवं आशा वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, जन स्वास्थ्य विभाग के टर्म अप्वाएंटी व पंचायती कर्मियों, अनुबंध व ठेका सफाई कर्मियों को पक्का करने, बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से मेडिकल, पैरामेडिकल व स्पोर्टिंग स्टाफ के नए पद स्वीकृत करके नियमित भर्ती करने, सम्भावित तीसरी लहर को रोकने के लिए उपयुक्त कदम शीघ्र उठाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मौलिक अधिकारों में शामिल करने आदि मांगों को जोरशोर से उठाया।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव मांगे राम तिगरा ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर बनी हुई है। वर्तमान में स्वास्थ्य का ढांचा सामान्य बीमारियों का इलाज देने में भी कारगर नहीं है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पेरामेडिक्स स्टॉफ आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। जांच के लिए समुचित उपकरणों एवं मशीनों की भारी कमी है। यदि कहीं उपलब्ध भी हैं तो उनके आॅपरेटर नहीं हैं। इसी प्रकार मैनपॉवर भी आबादी की जरूरत अनुसार नहीं है। राज्य भर में केवल मात्र 9 हजार नियमित स्वास्थ्य कर्मचारी ही कार्यरत हैं जबकि 25 हजार नियमित कर्मचारियों की सख्त जरूरत है। इनके अलावा इस ढांचे में लगाए गए 14 हजार एनएचएम और 10 हजार आउटसोर्सिंग नीति के तहत अनुबंधित यानि कच्चे कर्मचारी हैं जिनकी सेवा सुरक्षा की कोई गारण्टी नहीं है। कुल मिलाकर इन कच्चे कर्मचारियों को भारी दबाव और तनाव में काम पड़ रहा है। इसीलिए ये सभी कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं।

मगर सरकार इनकी कोई सुध नहीं ले रही है। स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के मुखिया के आदेश को लागू न करके ठेकेदारों द्वारा सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसे में यदि कोरोना की तीसरी लहर आई तो भारी तबाही मचा सकती है। इस मौके पर अशोक सैनी, रविंद्र शर्मा,राजेंद्र सेवा राम, रवि,देवेंद्र वर्मा,राजपाल सतपाल राणा, प्रेम कुमार योगेश कुमार जगजीत राणा मौजूद रहे।

नगर परिषद ने होटल, ढाबा संचालकों व रेहड़ी वालों को भेजे नोटिस

पॉलिथीन, थर्माकोल व प्लास्टिक आदि की वस्तुओं का इस्तमाल न करने के लिये देना होगा शपथ पत्र

अकसर देखने में आता है कि विवाह शादियों में धडल्ले से थर्माकोल की प्लेट व गिलास आदि का प्रयोग किया जाता है, लेकिन सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह पर बर्तन बैंक स्थापित किए हुए हैं जहां पर आसानी से बर्तन आदि ले सकते हैं और अपने कार्यक्रमों के उपरांत इन्हें फिर से बर्तन बैंक में जमा करवाया जाता है। इससे एक ओर जहां पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो वहीं दूसरी ओर गंदगी भी नहीं फैलेगी। ऐसे में सरकार की यह योजना काफी कारगर है।

अम्बाला छावानी (सिटी मीडिया)

अम्बाला नगर परिषद द्वारा आज विभिन्न होटल व ढाबा संचालकों को नोटिस देते हुए कहा कि पॉलिथीन, प्लास्टिक व थर्माकोल से बनी वस्तुओं का प्रयोग न करें। यदि वे उक्त सामान का प्रयोग करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाइ्र की जाएगी। कार्यकारी अधिकारी अपूर्व चौधरी की देख-रेख में यह नोटिस दिए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन की कोर्डिनेटर ऋतु शर्मा ने बताया कि एनजीटी के नियमों का पालन न करने पर ये नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ढाबा संचालकों, रेस्टोरेंट, होटल मालिकों, मैरिज पैलेस, दुकानों, रेहड़ियों व अन्य संस्थानों में प्लास्टिक व थर्माकोल से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इससे एक ओर जहां प्रदूषण बढ़ता है तो वहीं यह थर्माकोल आदि पयार्वरण के लिए बड़ा खतरा है। अकसर थर्माकोल नालियों आदि में जमा हो जाता है और सफाई करने में दिक्कत आती है और पानी निकासी भी बंद हो जाती है। इसलिए नगर पालिका ने इनके प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई है। यदि कोई भी होटल व ढाबा संचालक इनका प्रयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि दुकानों का गीला व सूख कूड़ा अलग-अलग करना भी जरूरी है। इसके लिए नगर परिषद की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए जो गाड़ियां आती हैं, उनमें गीला व सूख कूड़ा अलग-अलग डालने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संचालकों को यह भी आदेश दिए गए हैं कि वे अपने संस्थानों में इन वस्तुओं का प्रयोग पूरी तरह से न करें और नगर परिषद सदर को दो दिन के भीतर शपथ पत्र देकर सुनिश्चित करें कि अपनी दुकान में प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्माकोल संबंधित वस्तुओं का प्रयोग नहीं करेंगे व एग्रीमेंट की कॉपी दो दिन के अंदर नगर परिषद में जमा करवाएं अन्यथा नियमोेंनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नायब तहसीलदार बोधराज को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत- अगली सुनवाई 12 जुलाई को, ओंकारनाथी ने दी थी शिकायत

अंबाला (सिटी मीडिया)

माननीय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में नायब तहसीलदार बोधराज अंबाला छावनी ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की थी जिसकी बाबत आज न्यायालय में उनकी अग्रिम जमानत हेतु सुनवाई हुई।जिसमें माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने नायब तहसीलदार को इस बाबत कोई राहत ना दी व इसकी अगली तारीख 12 जुलाई 2021 तय की गई जिसमें माननीय अदालत में नायब तहसीलदार के खिलाफ कोई भी अपराधी अपराधिक मामला दर्ज है तो वह पेश करने को कहा गया।

गौरतलब है कि कांग्रेसी नेता व पूर्व पार्षद ओंकार नाथ परूथी नाथी ने नायब तहसीलदार बोधराज के खिलाफ 500000 रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। जिस बाबत उन्होंने कहा था की उन्होंने 100000 नायब तहसीलदार को दे भी दिए हैं। इस बाबत उन्होंने एक शिकायत पत्र माननीय गृह व स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज को दिया था। जिस पर कार्यवाही करते हुए अंबाला कैंट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था। इसके बाद नायब तहसीलदार ने इसके लिए माननीय सेशन अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी जोकि सेशन अदालत में उनको अग्रिम जमानत नहीं दी थी ।इसके बाद नायब तहसीलदार बोधराज अग्रिम जमानत लेने हेतु माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की जिसमें नायब तहसीलदार को कोई राहत ना मिली ।

रिश्वत मांगने वाला पटवारी ललित 14 दिन के लिए जेल भेजा

जमीन के स्टे आॅर्डर को रिकॉर्ड में चढ़ाने की एवज में महिला से 25 हजार रुपए मांगे थे

अम्बाला (सिटी मीडिया) जमीन पर लगे स्टे आॅर्डर को रिकॉर्ड में चढ़ाने की एवज में 25 हजार की रिश्वत मांगने के आरोपी पटवारी को नारयणगढ़ कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। विजीलेंस की टीम ने पटवारी ललित कुमार को को लखविंद्र कौर से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

नकारी के मुताबिक गदौली की लखविंद्र कौर ने शिकायत दी थी कि उसने अपने जेठ से रहन जमीन ली थी। उसके जेठ का बेटा इस जमीन को बेचना चाहता था। इसलिए उसने कोर्ट से जमीन पर स्टे लिया था। इस स्टे आॅर्डर को रिकॉर्ड में चढ़ाने के बदले पटवारी उनसे 25 हजार रुपए की मांग कर रहा है जिस पर विजीलेंस ने एक टीम गठित कर तुरंत कार्रवाई की। पटवारी ने 5 हजार पहले और बाकी 20 हजार काम होने के बाद मांगे थे। विजीलेंस टीम ने केमिकल लगाकर 500 के 10 नोट लखविंद्र को दिए। गत दिवस दोपहर करीब 3 बजे पटवारी ललित पैसे लेने पंजलासा चौक पहुंचा तो लखविंद्र कौर ने 5000 रुपए पटवारी को दिए और टीम को इशारा कर दिया। टीम ने तुरंत पटवारी को काबू कर लिया और पानी में हाथ धुलवाए तो केमिकल वाले नोट से उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने डयूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ सुरजीत सिंह की मौजूदगी में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इनाम में गाड़ी जीतने का लालच देकर 34 हजार की ठगी

अम्बाला छावनी (सिटी मीडिया) अंबाला छावनी के महेश नगर निवासी जितेंद्र पाल की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि उसे एक फोन आया जिसमें कहा गया कि आपका प्राइस निकला है और प्राइस में स्विफ्ट डिजायर कार आपको दी जाएगी आप चाहे तो गाड़ी ले सकते हैं या फिर उसकी कीमत ले सकते हैं इसकी कीमत 795000 है शिकायतकर्ता ने कहा कि इस दौरान उसे फोन करने वाले ने बताया कि 15 सो रुपए पहले पुणे जमा भी करवाने होंगे शिकायतकर्ता फोन करने वाले के झांसे में आ गया और उसने 15 सो रुपए जमा करवा दिए तभी उसे कहा गया कि 7950 जीएसटी के नाम पर जमा करवाएं इस दौरान आपको कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना पड़ेगा जितेंद्र ने उन्हें यह रकम भी जमा करवा दी तथा शिकायतकर्ता से उसकी हस्ताक्षर की हुई फोटो भी मंगवाई तभी उन्होंने सेविंग अकाउंट करंट अकाउंट में करने को कहा और शिकायतकर्ता ने तुरंत अपने बैंक मैनेजर से बात की जाए उन्हें बताया गया कि उनके साथ तो फ्रॉड हुआ है तभी जितेंद्र ने फोन करने वालों को कहा कि उन्हें किसी प्रकार का प्राइस नहीं चाहिए और उनका दिया हुआ पैसा वापस किया जाए लेकिन लेकिन तब तक उनके साथ 34350 का धोखा हो चुका था पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एमरजेंसी के दौरान अम्बाला के कई लोगों ने दी थी गिरफ्तारी

अम्बाला छावानी (सिटी मीडिया) 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस सरकार के शासनकाल में एमरजेंसी लगाई गई थी जिसमें अम्बाला के भी अनेक लोगों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं। अम्बाला छावनी के रामनगर के रहने वाले सोमनाथ चौपड़ा ने बताया कि उस समय उनकी उम्र लगभग 30 साल थी। उन्हें कई दिन तक अम्बाला सेंट्रल जेल में रखा गया था। शुरू में तो जेल की एक कोठी में एक-एक व्यक्ति को ही रखा गया था। कोठी से बाहर आने की बिल्कुल इजाजत नहीं थी। यहां तक कि हालात ये थे कि कोठरी में ही व्यक्ति को पानी और रोटी दी जाती थी।

उन्होंने बताया कि जेल में कइ दिन बिताने के बाद उन्हें जमानत मिली, लेकिन अब प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही एमरजेंसी के दौरान जो लोग जेलों में गए थे, उन्हें ताम्रपत्र दिए गए थे और साथ ही सरकार ने 10 हजार रुपए महीना पेंशन दी जा रही है। सुशील जैन ने बताया कि वह भी एमरजेंसी के दौरान जेल में गए थे। उन्होंने बताया कि वह कई दिनों तक भेस बदलकर कई स्थानों पर छुपते रहे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और कई प्रकार की यातनाएं भी दीं।

टुंडला की रमनदीप कौर बनीं फ्लाइंग आॅफिसर

अम्बाला छावानी (सिटी मीडिया) अम्बाला छावनी के टुंडला निवासी रमनदीप कौर को फलाइंग आॅफिसर नियुक्त हुई हैं। उनके पिता रामरत्न सिंह भी एयरफोर्स से रिटायर हैं। दादा गुरचरण सिंह कोआॅपरेटिव बैंक से रिटायर हैं। रमनदीप कौर ने जेसिस एंड मैरी कान्वेंट स्कूल से 12वीं तक की शिक्षा हासिल की है। वहीं उसके बाद एसडी कॉलेज से बीएसई की थी। ट्रेनिंग के लिए रमनदीप कौर हैदराबाद कोचिंग लेने गई थीं। जून 2021 में उनकी कोचिंग पूरी हो गई थी। अब वे एयरफोर्स फलाइंग आॅफिसर नियुक्त हुई हैं। उनकी पहली पोस्टिंग फरीदाबाद में हुई है। रमनदीप ने बीएसई के बाद एयरफोर्स व आर्मी के कई एग्जाम दिए थे जिनमें उनकी मेरिट ही रहती थी, लेकिन उनका सपना फलाइंग आॅफिसर बनने का था।

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